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बड़ी खबर : कॉलेज छात्रों के जनरल प्रमोशन पर हुआ फैसला, अब छात्रों को मिलेगा ये तीन विकल्प, उच्च शिक्षा विभाग ने बनाई रणनीति

रायपुर। प्रदेश में विश्वविद्यालयों के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को जनरल प्रमोशन नहीं मिलेगा. छात्रों को नंबर देने का विकल्प गठित टीम को दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, तीन प्रकार के विकल्पों से नंबर दिया जाएगा. इनमें गत वर्ष की अंकसूची, आंतरिक मूल्यांकन और ऑनलाइन असाइनमेंट को आधार बनाया जाएगा. ये जानकारी उच्च शिक्षा विभाग के संचालक शारदा वर्मा ने दी है. उन्होंने बताया कि नए शिक्षा सत्र लेट होने पर कोर्स पूरा करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है. वहीं अंतिम वर्ष के छात्रों को एक साल खराब होने का भय है. इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग के पास अभी कोई रणनीति नहीं है. इस पर उच्च शिक्षा विभाग ने आगे की रणनीति बनाने की बात कही है.

अंतिम वर्ष की परीक्षा लेने के निर्देश है, कब तक और परीक्षा लेने की क्या व्यवस्था होगी ?

उच्च शिक्षा संचालक शारदा वर्मा ने बताया कि अंतिम वर्ष की परीक्षा जुलाई अगस्त में न लेकर सितंबर के अंतिम सप्ताह में लेने का सुझाव यूजीसी से प्राप्त हुआ है अगर अंतिम वर्ष का परीक्षा सितंबर में होगी तो आगामी सत्र की पढ़ाई प्रभावित न हो इसको लेकर रणनीति बनाई जा रही है. विचार विमर्श करने के बाद सभी विश्वविद्यालयों को इसको लेकर आदेश भी जारी किया जाएगा.

सितंबर में परीक्षा होगी तो अगली कक्षा के प्रवेश में दिक़्क़त और चार महीना पीछे हो जाएंगे इसको लेकर क्या निर्देश है?
इसको लेकर संचालक ने कहा कि अगस्त में नए सेशन शुरू करने का है. इस सत्र में उन्हीं बच्चों का पढ़ाई होगी जो पूर्व मूल्यांकन के आधार पर आगे कक्षा के लिए प्रमोट किया जाएगा.

अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ऐसे में क्या विकल्प है चाहे ग्रेजुएशन का हो या मास्टर डिग्री का ?

ऐसे विद्यार्थियों के लिए सत्र विलंब होने की संभावना है यदि सत्र को विलंब से शुरू करते हैं तो पाठ्यक्रम को कैसे उतने समय में पूरा करें तो इसके बारे में विचार विमर्श कर फ़ैसला लिया जाएगा.

प्रथम, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा, इसका आधार क्या होगा?

प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा नहीं होगी तो बच्चों को पास कैसे करेंगे मार्कशीट नंबर का आधार क्या होगा, अंतिम वर्ष के परीक्षा कैसे लिया जाए इसके लिए 6 सदस्यी टीम गठित की गई है, ताकी प्रदेश के सभी राज्यकीय विश्वविद्यालयों में एक सामान व्यवस्था से सभी विद्यार्थियों अंक सूची तैयार हो, फिलहाल विद्यार्थियों को अगली कक्षा के लिए हमें जो मार्कशीट जारी करना है लेकिन हमारे राज्य में जनरल प्रमोशन नहीं देने का विचार किया गया है. इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों को तीन बिंदु के आधार पर एक विकल्प दिया गया है.

1.यदि किसी विद्यार्थी का गत वर्ष का अंक सूची है तो उसको आधार बनाया जा सकता है..

2.जिन विश्वविद्यालयों में इंटरनल एग्ज़ाम दिया गया है और इन परीक्षा के नंबर और मार्कशीट संधारित है तो उसको भी आधार बनाया जाएगा.

3. इसके अलावा असाइनमेंट का भी विकल्प दिया गया है. विद्यार्थियों को ऑनलाइन असाइनमेंट दिया जा सकता है, उन्हें असाइनमेंट का मूल्यांकन कर फिर नंबर दिया जाएगा.

प्रथम और द्वितीय वर्ष के बच्चों के लिए इन तीन विकल्पों में से अगर गत वर्ष के अंक सूची लेते हैं तो उसमें अधिकतम केवल 50 प्रतिशत  अंक दिया जाएगा और 50 प्रतिशत वेटेज उनके इंटर्न वैल्यूएशन या असाइनमेंट के आधार पर अंक दिया जाएगा, जिन विश्वविद्यालयों में परीक्षा हो गई थी उनको उनके परीक्षा के आधार पर ही नंबर दिया जाएगा और जहां परीक्षा नहीं हुई है वहां इन तीनों विकल्प को चुना जाएगा.

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