राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर(NIT Raipur) में अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र – छात्राओं को 55 लाख का प्री प्‍लेसमेंट आफर मिला

रायपुर NIT : छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पांच एनआइटी छात्र – छात्राओं को 55 लाख का प्री प्‍लेसमेंट आफर मिला है। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र मीनल मेहता (मेटलर्जिकल एंड मैटेरियल्स), अंशिका अग्रवाल (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग), धारणा चंद्राकर (इलेक्ट्रानिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन), संजीब नाथ (सीएसई) एवं तेजस्विनी (सीएसई) को अमेरिकन मल्टीनेशनल साफ्टवेयर कंपनी एडोबी ने साफ्टवेर डेवलपमेंट इंजीनियर रोल के लिए 55 लाख का प्री प्लेसमेंट आफर दिया है।

इन सभी छात्रों ने बीते महीने में एडोबी में समर इंटर्नशिप की थी। इंटर्नशिप के दौरान सभी ने कंपनी के प्रोडक्ट्स पर काम किया। कंपनी ने छात्रों की प्रोग्रामिंग स्किलस और काम करने की लगन के आधार पर प्री प्लेसमेंट का ऑफर दिया।

संजीब नाथ और अंशिका अग्रवाल ने अपने सफल होने का राज डीएसए और अन्य विषयो जैसे-ऑपरेटिंग सिस्टम पर अपनी मजबूत पकड़ को बताया। धारणा चंद्राकर ने अपनी सफलता का श्रेय एडोबी के साथ समर इंटर्नशिप से मिली सीख एवं उनके परिणामों को दिया। तेजस्विनी ने बताया की संस्था के अनुकूल प्रतियोगी वातावरण और इस दौरान सीखी गयी नयी स्किलस की वजह से वह इस मुकाम पर पहुंचने में सफल रही। संस्थान सभी छात्रों कें उज्जवल भविष्य की कामना करता हैं और उनके इस उपलब्धि के लिए ढ़ेर सारी शुभकामनाएं देता है |

छात्रों का अपना व्यक्तिगत अनुभव

1.मामिडिपाका तेजस्विनी (सीएसई)

एडोबी में मेरा पूरा इंटर्नशिप का अनुभव रोमांचक और चुनौतीपूर्ण था। यह मेरी मौजूदा स्किलस और टैलेंट को परखने और नए स्किलस सिखने में मददगार रहा । एडोबी के प्रोडक्ट्स पर सीधे काम करने से हमें वास्तविक कॉर्पोरेट दुनिया का पता लगाने का मौका मिला, और हमें पता चला की हम कॉर्पोरेट दुनिया में कैसे अपना योगदान कर सकते हैं ।

2 .धारणा चंद्राकर (इलेक्ट्रानिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी)

एडोबी द्वारा निर्मित ऐप्स एवं अन्य चीजों को उपयोग करने से लेकर उनका निर्माण करने का अवसर मिलने तक, मैंने लंबा और सुहाना सफर तय किया है। किसी भी नए चीज को सीखने के प्रति मेरा हमेशा जिज्ञासु रहना ही मेरी सफलता का राज है । अगर कंपनी में इंटर्नशिप पाना हो तो डीएसए की मजबूत पकड़ होना बहुत जरूरी है। इंटर्नशिप के दौरान बहोत सी बाधाओं से सामना हुआ पर मेंटर, माता-पिता और दोस्तों की मदद से मैंने सब पार कर लिया, एडोबी से प्री प्लेसमेंट का आफर पाकर बहुत खुश हूं।

3.संजीब नाथ (सीएसई)

मैने कोडिंग और प्रोग्रामिंग चौथे सेमेस्टर से ही स्टार्ट कर दिया था। जब कम्पनी इंटर्नशिप के लिऐ कैंपस में आने लगी तब मैने डाटा स्ट्रक्चर तथा थ्योरी सब्जेक्ट पर ज्यादा फोकस किया। एडोबी में मैने एक्रोबेट पर काम किया और इंटर्नशिप में किये गए काम की बदौलत प्री प्लेसमेंट का आफर मिला।

4. अंशिका अग्रवाल (आइटी )

मैने प्रथम साल के बाद मिलने वाले समर ब्रेक में कोडिंग लैंग्वेज सीखना शुरू किया था। इसके बाद मैने डाटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिथम के बारे में पढ़ा और कोडिंग के सवाल हल किए , साथ ही साथ मैने थ्योरी सब्जेक्ट्स भी पढ़ना जारी रखा और इसके वजह से मै एडोबी में इटर्नशिप पाने में सफल रही । मै एडोबी में प्री प्लेस्मेंट ऑफर पाकर बहुत खुश हूं।

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