शिक्षक दिवस विशेष- बदलती संस्कृति, बदलती शिक्षा, बदलता स्वरूप, बदलती जिम्मेदारी
शिक्षक दिवस विशेष: प्राचीन समय में जब गुरुकुल में रहकर शिक्षा अर्जित करने का चलन था तब गुरु-शिष्य परम्परा का मान सबसे अधिक था। गुरु दक्षिणा में अपना अंगूठा काटकर दे देने वाले एकलव्य जैसे शिष्य, गुरुजनों का गौरव थे। वहीं द्रोणाचार्य से लेकर ऋषि वशिष्ठ तक जैसे गुरु थे जिन्होंने अपने शिष्यों को अद्भुत … Read more