Chhattisgarh

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले डॉक्टरों पर लागू होगा होम आइसोलेशन

होम आइसोलेशन के लिए घर मे अलग शौचालय और कमरा जरूरी .रायपुर 25 जुलाई 2020/ छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कोविड प्रकरणों के उपचार व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होम आइसोलेशन की प्रक्रिया पहले डॉक्टरों पर लागू किया जाएगा।यह सफल होने पर कोरोना पॉजिटिव पाए गए केटेगरी सी के मरीजों को होम आइसोलेशन करने की अनुमति प्रदान की जा सकती है। होम आइसोलेशन हेतु मरीज के घर में अलग हवादार कमरा और शौचालय होने पर ही उन्हें ओम आइसोलेशन की अनुमति दी जा सकती है। होम आइसोलेशन की संपूर्ण अवधि के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस हेतु नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी प्रतिदिन मरीज और उनके अटेंडेंट से फोन के माध्यम से संपर्क में रहेंगे।जिन मरीजो को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा उनके घर में किसी बाहरी ब्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः निषेध रहेगा।इस हेतु घर के बाहर होम आइसोलेशन का स्टीकर भी चस्पा किया जाएगा।मरीज को सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव हो या चेहरे का नीला पडना, आल्टर्ड सेंसोरियम इत्यादि जैसे गंभीर लक्षण विकसित होने की सूचना पर उन्हें तत्काल समीपस्थ डेडीकेटेड हॉस्पिटल में पहुंचाने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।आइसोलेशन के निर्देशों का मरीज तथा उनके परिजनों द्वारा अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय स्तर पर निगरानी दलों की व्यवस्था किया जाएगा। यदि मरीज द्वारा आइसोलेशन प्रोटोकोल के किसी भी निर्देश की अवहेलना की जाती है, तो उन्हें तत्काल केयर सेंटर शिफ्ट करते हुए अपने ही अंडरटेकिंग करने एवं एकेडमी के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत उन पर कार्यवाही की जा सकती है। इस संबंध में मरीज के परिजनों और पड़ोसियों की भी समुचित काउंसलिंग की जाएगी। आइसोलेशन की पूरी अवधि में यह मरीज से समुचित दूरी बनाते हुए भी उनका मनोबल बनाए रखने में सहयोग करेंगे।इस संबंध में दिए गए विस्तृत दिशानिर्देश का अनुपालन किया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने कहा कि होम आइसोलेशन के संदर्भ में जिला स्वास्थ्य विभाग दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्य करेंगे।सर्वप्रथम जिला आईडीएसपी सर्विलेंस ऑफिस से स्वास्थ्य दल मरीज के घर का दौरा कर मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति और होम आइसोलेशन हेतु उनके घर की उपयुक्तता की जांच करेंगे।यह सब जांच करने के बाद वे मरीज को बताएंगे कि मरीज होम आइसोलेशन में रह सकते हैं या नहीं।होम आइसोलेशन के लिए फिट पाए जाने पर ही मरीज को घर पर ही आइसोलेशन की अनुमति दी जाएगी।

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