ChhattisgarhRaipur

आकाशीय बिजली और वज्रपात से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन द्वारा जारी गाईडलाईन के अनुरूप आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश

रायपुर, 23 जुलाई 2020/ राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस मानसून के दौरान आकाशीय बिजली (गाज) और वज्रपात से बचने हेतु दिशा-निर्देश जारी किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी गाईडलाइन के अनुसार राज्य के सभी जिलों को आवश्यक व्यवस्था एवं कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश में जिला स्तर पर आकाशीय बिजली एवं वज्रपात से बचाव के लिए स्थानीय भाषा में विभिन्न सुरक्षा युक्तियों के प्रदर्शन करने और लोगों को बचाव की प्रचार सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय निकायों, पंचायत राज संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, रेसीडेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन, ग्राम सभाओं, चिकित्सा पेशेवरों और स्थानीय निकायों को आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सावधानियां की व्यापक जानकारी देने विशेष कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिससे वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को आकाशीय बिजली तथा वज्रपात से बचने जागरूक कर सकें।

पत्र में तीव्र गरज और आकाशीय बिजली से बचने के लिए आम लोगों से कहा गया है कि यदि वे घर पर हैं तो वज्रपात एवं आकाशीय बिजली से बचने के लिए यह करें कि आसमान के बदलते रंग और बढ़ती हवा के वेग पर नजर रखें। गड़गडाहट सुनाई दे तो इससे सावधान रहें। आकाशीय बिजली के सम्पर्क में आने से बचें। अद्यतन और चेतावनी निर्देशों के लिए स्थानीय मीडिया पर निगरानी रखकर जानकारी प्राप्त करते रहें। घर के अंदर रहें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें। खिडकियां और दरवाजे बंद करें और घर के बाहर की वस्तुओं को सुरक्षित रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि बच्चे और पालतु जानवर अंदर ही रहें। अनावश्यक बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें। पेड़ की लकड़ी या किसी भी अन्य मलबे को हटा दें जो दुर्घटना का कारण बन सकता है।

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा यह भी सलाह दी गई है कि नहाने के लिए शॉवर के उपयोग से बचें तथा बहते पानी से दूर रहें। ऐसा इसलिए है क्योंकि धातु के पाईप के साथ आकाशीय बिजली प्रवाहित हो सकती है। दरवाजे, खिडकिया, फायरप्लेस, स्टोव, बाथटब अथवा किसी अन्य विद्युत कंडक्टर से दूर रखें। कॉर्डेड फोन और अन्य बिजली के उपकरणों के उपयोग से बचें जो बिजली का संचालन कर सकते हैं। घर के बाहर खुले मैदान पर हैं तो तुरंत सुरक्षित आश्रय पर जाएं, धातु संरचना या धातु की चादर के साथ निर्माण जैसे आश्रय से बचें। आदर्श रूप से एक निचले क्षेत्र में आश्रय खोजें और सुनिश्चित करें कि चुना गया स्थान बाढ़ की संभावना से परे हो। अपने आप को छोटा बनाने के लिए पैरों को एक साथ रखें और सिर नीचे रखें। आपकी गर्दन के पीछे खड़े बाल संकेत कर सकते हैं कि आकाशीय बिजली निकटस्थ हैं। जमीन पर सपाट खडे न रहें। यह एक बड़ा लक्ष्य बना देगा। सभी उपयोगिता लाईनों फोन, पावर आदि धातु की बाड़ी पेड और पहाड़ी से दूर है। पेड़ों के नीचे शरण न ले, जहां आकाशीय बिजली गिरने की संभावना हो सकती है। रबर-सोल वाले जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा का कोई साधन नहीं है। सायकिल, मोटर सायकिल अथवा खेत में उपयोग करने वाले वाहनों से दूर रहे जो आकाशीय बिजली को आकर्षित कर सकते हैं। नौका विहार या तैराकी कर रहे हो तो जितनी जल्दी हो सके सुरक्षित शरण ले लें।
तूफान के दौरान अपने वाहन में तब तक रहें जब तक की मदद नहीं आती है अथवा तूफान गुजर नहीं जाता है। वाहन की खिड़कियां बंद होनी चाहिए और पेड़ों से वाहन दूर पर पार्क करें।

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देश में इलाज के संबंध में कहा गया है कि ऐसे व्यक्ति को तत्काल अस्पताल ले जाएं जो आकाशीय बिजली गिरने से घायल हुआ है। हो सके तो बेसिक प्राथमिक उपचार दें। आकाशीय बिजली की चपेट में आने वाले लोगों को कोई विद्युत आवेश नहीं होता है और उन्हें सुरक्षित रूप से संभाला जा सकता है। टूटी हुई हड्डियों, सुनने और आंखों की रोशनी कम होने की जांच करें। आकाशीय बिजली का शिकार व्यक्ति अलग-अलग डिग्री तक जल सकती है, प्रभावित शारीरिक स्थान, चोट की जांच आवश्य क

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close