Chhattisgarh

दसमी ने नक्सली विचारधारा छोड़ के बस्तर पुलिस के समक्ष किया आत्मसमर्पण

12 साल कि उम्र से नक्सल संगठन के लिए काम कर रही दसमी के ऊपर 05 लाख रूपये ईनाम था। आत्मसमर्पित दसमी अपने बड़े भाई माजकोट LOS Commander लक्ष्मण को भी आत्मसमर्पण करने के लिये अपील कि आज बस्तर पुलिस के सामने दसमी ने आत्मसमर्पण किया गया है।माओवादी दसमी पिता सोमडू 12-13 वर्ष की बाल अवस्था से माओवादियों के बहकावे में आकर प्रारंभ में नक्सली अग्र संगठन चेतना नाट्य मण्डली पद पर जुड़ी रही। वर्ष 2011 से वर्ष 2016 तक कार्य की। पश्चात् माओवादियों द्वारा चेतना नाट्य मण्डली में किये जा रहे कार्य के अतिरिक्त इसे वर्ष 2017 में दरभा डिवीजनल कमेटी के अन्तर्गत कटेकल्याण एरिया कमेटी का सदस्य बनाया गया जो अब तक सक्रिय रूप से कार्य कर रही थी। संगठन में शामिल होने के पश्चात् नक्सलियों द्वारा विचार धाराओं से हटकर किये जा रहे जघन्य अपराधों, विकास विरोधी नीति खोखली विचार धाराओं से काफी वर्षो तक त्रस्त थी बस्तर जिले में संचालित किये जा रहे कम्युनिटी पुलिसिंग “आमचो बस्तर, आमचो पुलिस” कार्यक्रमों के दौरान छ0ग0 शासन की पुर्नवास नीति के तहत आत्मसमर्पित को मिलने वाले लाभों के संबंध में क्षेत्र में किये जा रहे प्रचार-प्रसार एवं माओवादियों के बहकावे में आकर भटके युवक, युवतियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने हेतु की जा रही अपील से प्रभावित होकर स्वेच्छापूर्वक आत्मसमर्पण किया गया है दसमी द्वारा नक्सल संगठन में रहते हुये वर्ष 2012 से 2020 तक बस्तर जिला के 08 एवं दन्तेवाड़ा जिला के 05 कुल 13 नक्सल वारदातों में शामिल हुई थी आत्मसमर्पित नक्सल दसमी अपने बड़े भाई माजकोट LOS Commander लक्ष्मण को भी आत्मसमर्पण करने के लिये अपील कि आत्मसमर्पण के पश्चात् छ0ग0 पुनर्वास नीति के तहत दी जाने वाली 10,000/-रूपये प्रोत्साहन राषि शासन द्वारा दिया गया साथ ही केडर के अनुसार घोषित 05 लाख रूपये ईनाम राषि एवं दिये जाने वाले अन्य सुविधाओं का लाभ भी दिया जावेगा।

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