Chhattisgarh

तेंदूपत्ता संग्राहको के बीमा , बोनस लाभांश, बच्चों के छात्रवृत्ति को लेकर बृजमोहन ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र।

0 2 साल के बोनस लाभांश व छात्रवृत्ति तत्काल वितरण करने की मांग

0 आदिवासियों के ज्वलंत मुद्दे को सरकार गंभीरता से लें
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रायपुर 29 जुलाई- भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े आदिवासी परिवारों के विभाग के लापरवाही के चलते समय पर बीमा के नवीनीकरण न होने उन्हें , दो सालों के बोनस का वितरण ना होने दो सालों का लाभांश की राशि नहीं मिलने व उनके बच्चों को दो सालों का छात्रवृत्ति नहीं दिए जाने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आज एक पत्र लिखा है ।
उन्होंने पत्र में कहा है कि , छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता के कार्य से जुड़े भोले-भाले आदिवासी परिवारों के साथ पिछले 18 महीनों में व्यापक अत्याचार व आर्थिक शोषण हो रहा है। सरकार उनकी हक के चीजों पर लगातार या तो कटौती कर रही है या उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर रही है। शायद वन विभाग व वन विभाग से जुड़े संघों द्वारा आपको भी अंधेरे में रखकर आदिवासियों के शोषण में आपको बराबर का भागीदार बनाया जा रहा है।उन्होंने पत्र में लिखा हैकि प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहको का बीमा होता था, जिसकी नवीनीकरण की अंतिम तिथि 31.05.2019 थी, किंतु विभाग के द्वारा लापरवाही करते हुए अंतिम तिथि तक बीमा का नवीनीकरण नहीं करवाया गया। जिससे प्रदेश के लाखो-लाख तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा से वंचित हो गए ? बीमा का नवीनीकरण अंतिम तिथि को क्यों नहीं कराया गया। विभाग के पास आज तक इस बात का कोई उत्तर नहीं है कि अगर अंतिम तिथि तक नवीनीकरण हो जाता तो बीमा का लाभ छत्तीसगढ़ के संग्राहकों को नियमित मिलता रहता।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा नहीं होने के कारण पिछले दो सत्रो में लगभग 4 हजार से अधिक लोगों का सामान्य या दुर्घटना में निधन हो गया है ऐसे परिवारों के जीवकोपार्जन के लिए बीमा से जो राशि मिलती थी वह अब नहीं मिल रही है। इन लोगों को कहां से मिलेगी ? कौन देगा ? कितना देगा ? इस पर भी विभाग ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है और पीड़ित हजारो आदिवासी परिवार के आश्रित, सहायता राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं।तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बीमा योजना के तहत प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना उक्त योजना में सामान्य मृत्यु पर 2 लाख तथा दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता राशि के प्रावधान हैं। आम आदमी बीमा योजना में 30 हजार रुपये से लेकर 75 हजार रूपये तक सहायता के प्रावधान हैं। ये योजनाएं दिनांक 1 जून 2019 से विभाग की लापरवाही से नवीनीकरण नहीं कराये जाने के कारण योजना बंद हो गई है। राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ पुरानी योजना में शामिल था। जिसका नवीनीकरण नहीं करवाया गया। राज्य सरकार द्वारा अपने हिस्से की राशि नहीं दी गई है परिणामस्वरूप नवीनीकरण नहीं हो सका। संग्राहकों को बड़ी सुविधा व सुरक्षा से वंचित कर दिया गया है। इस योजना का नवीनीकरण नहीं कराया जाना बहुत चिंताजनक है।

विभाग ने बीमा का नवीनीकरण की अंतिम तिथि तक नवीनीकरण नही करवाया क्योंकि सरकार के पास बीमाधारियों को लेकर डाटा ही नहीं था। अपर प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ नया रायपुर का पत्र क्र./वनो/संघ/बीमा/2019/9645 दिनांक 10/10/2019 का पत्र अध्ययन कर ले जिसमें उसके अधिकारी ने यह स्वीकार किया है कि 10वे माह तक वे डाटा इकट्ठा नहीं कर पाए है और जिले-जिले से डाटा मंगा रहे है। जब डाटा ही नही और बीमा निगम को पैसा ही नही दिया तो कैसा बीमा होगा। पुरानी योजना में समय पर राशि जमा कर दी होती तो बीमा योजना जारी रहती। राज्य सरकार ने समय पर नवीनीकरण नही कराया इसलिए बीमा योजना बंद हो गई। वन विभाग बीमा की योजना को बंदकर प्रदेश के 12 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार को श्रम विभाग की योजना के तहत लाने की बात कह रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा में भाजपा सरकार में जहां उन्हें सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये और दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रूपये देने का प्रावधान था। उसमें कटौती कर वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार की श्रम विभाग की योजना अर्थात असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना में मृत्यु होने पर 1 लाख व दिव्यांग होने पर 50 हजार देने का प्रावधान है। यह सीधे-सीधे गरीब आदिवासियों के आर्थिक कमर तोड़ने वाला काम है। तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए श्रम विभाग द्वारा लागू किए जा रहे योजना को …

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