AutomobileBilaspurChhattisgarhEntertainmentGadgetsGaurella pendra marwahiIndiaRaipurUncategorizedWorld

ब्रेकिंग -दुनिया को मिला मलेरिया का टीका:WHO ने मलेरिया की पहली वैक्सीन को मंजूरी दी, अफ्रीकी देशों से होगी शुरुआत; भारत में हर साल 3 लाख से ज्यादा केस आ रहे

नीतेश वर्मा

ब्यूरो हेड

दुनिया को मिला मलेरिया का टीका:WHO ने मलेरिया की पहली वैक्सीन को मंजूरी दी, अफ्रीकी देशों से होगी शुरुआत; भारत में हर साल 3 लाख से ज्यादा केस आ रहे

दुनिया में मलेरिया के पहले टीके RTS,S/AS01 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंजूरी दे दी है। मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित अफ्रीकी देशों से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद WHO का फोकस दुनियाभर में मलेरिया वैक्सीन बनाने के लिए फंडिंग के इंतजामों पर होगा, ताकि यह टीका हर जरूरतमंद देश तक पहुंच सके।

 

इसके बाद संबंधित देशों की सरकारें तय करेंगी कि वे मलेरिया को कंट्रोल करने के उपायों में वैक्सीन को शामिल करती हैं या नहीं। WHO ने कहा है कि मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों के लिए यह वैक्सीन एक बड़ी उम्मीद लेकर आई है।

भारत में हर साल मलेरिया के 3 लाख से ज्यादा केस
5 साल तक के बच्चों को मलेरिया का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। हर दो मिनट में एक बच्चे की मलेरिया से मौत हो जाती है। 2019 में दुनियाभर में मलेरिया से 4.09 लाख मौतें हुई थीं, इनमें 67% यानी 2.74 वे बच्चे थे, जिनकी उम्र 5 साल से कम थी। भारत में 2019 में मलेरिया के 3 लाख 38 हजार 494 केस आए थे और 77 लोगों की मौत हुई थी। पिछले 5 सालों में भारत में मलेरिया से सबसे ज्यादा 384 मौतें 2015 में हुई थीं। इसके बाद से मौतों का आकंड़ा लगातार कम हुआ है।

अफ्रीकी देशों में हुआ वैक्सीन का ट्रायल
मलेरिया की वैक्सीन RTS,S/AS01 का इस्तेमाल 2019 में घाना, केन्या और मालावी में पायलट प्रोग्राम के तौर पर शुरू किया गया था। इसके तहत 23 लाख बच्चों को वैक्सीन दी गई थी, इसके नतीजों के आधार पर ही WHO ने अब वैक्सीन को मंजूरी दी है। इस वैक्सीन को पहली बार 1987 में GSK कंपनी ने बनाया था।

गंभीर केस 30% कम होंगे
पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों के मुताबिक मलेरिया की वैक्सीन सुरक्षित है और इससे 30% गंभीर मामले रोके जा सकते हैं। यह वैक्सीन जिन बच्चों को दी गई उनमें दो तिहाई ऐसे थे जिनके पास मच्छरदानी नहीं थी। यह भी सामने आया है कि मलेरिया की वैक्सीन से दूसरे टीकों या मलेरिया रोकने के दूसरे उपायों पर कोई निगेटिव असर नहीं होता।

WHO ने उप-सहारा अफ्रीकी देशों के बच्चों को दो साल की उम्र तक मलेरिया वैक्सीन के 4 डोज देने की सिफारिश की है। यह वैक्सीन प्लाज्मोडियम फैल्सिपेरम को बेअसर कर देती है। प्लाज्मोडियम फैल्सिपेरम मलेरिया फैलाने वाले 5 पैरासाइट्स में से एक है और सबसे खतरनाक होता है। WHO के मुताबिक वैक्सीन से मलेरिया के हर 10 में से 4 मामले रोके जा सकते हैं और गंभीर मामलों में 10 में से 3 लोग बचाए जा सकते हैं।

WHO के मुताबिक मलेरिया की वजह से दुनियाभर में हर साल 4.09 लाख मौतें हो जाती हैं, इनमें ज्यादातर अफ्रीकी देशों के बच्चे होते हैं। दुनियाभर में मलेरिया से जितनी मौतें होती हैं, उनमें से आधी मौतें 6 उप-सहारा अफ्रीकी देशों में होती हैं। इनमें एक चौथाई मामले नाइजीरिया के होते हैं।

ये हैं मलेरिया के लक्षण

  • ठंड लगना
  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • गले में खराश
  • पसीना आना
  • थकान
  • बेचैनी
  • उल्टी आना
  • एनिमिया
  • मांसपेशियों में दर्द
  • खूनी दस्त

 

Related Articles

Back to top button
Close
Close