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तीसरी लहर की चेतावनी, सितम्बर में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर,अक्टूबर में पीक में रहेगा । स्टडी के मुताबिक, भारत में टीकाकरण की रफ्तार 3.2 फीसदी है और इसमें सुधार नहीं किया जाता है तो महामारी की तीसरी लहर में प्रतिदिन छह लाख मामले आ सकते हैं

तीसरी लहर की चेतावनी, सितम्बर में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर,अक्टूबर में पीक में रहेगा । स्टडी के मुताबिक, भारत में टीकाकरण की रफ्तार 3.2 फीसदी है और इसमें सुधार नहीं किया जाता है तो महामारी की तीसरी लहर में प्रतिदिन छह लाख मामले आ सकते हैं

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) के तहत आने वाले एक संस्थान की ओर से गठित एक विशेषज्ञ समिति ने आशंका जताई है कि देश में सितंबर और अक्टूबर के बीच कभी भी कोविड-19 की तीसरी लहर (3rd Wave of Covid In India) आ सकती है. रिपोर्ट में टीकाकरण (Vaccination In India) की रफ्तार को और तेज़ करने का सुझाव दिया है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन (NIDM) की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने यह भी कहा है कि बच्चों को वयस्कों के समान जोखिम होगा क्योंकि बड़ी संख्या में बच्चों के संक्रमित होने की स्थिति में बाल चिकित्सा अस्पताल, डॉक्टर और उपकरण जैसे वेंटिलेटर, एम्बुलेंस आदि की उपलब्धता मांग के अनुरूप नहीं हो सकती है .Y
अक्टूबर में आ सकती है तीसरी लहर की पीकNIDM की रिपोर्ट में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के अनुमान का हवाला दिया गया है जो तीसरी लहर को लेकर तीन संभावित परिदृश्यों का सुझाव देता है. उसने कहा कि पहले परिदृश्य में, तीसरी लहर अक्टूबर में चरम पर पहुंच सकती है

और रोज़ाना 3.2 लाख मामले आ सकते हैं. दूसरे परिदृश्य में, वायरस का नया और अधिक संक्रामक स्वरूप सामने आ सकता है और तीसरी लहर सितंबर में चरम स्थित पर पहुंच सकती है तथा प्रतिदिन पांच लाख मामले आने का अंदेशा है.

विशेषज्ञों ने तीसरे परिदृश्य में आशंका व्यक्त की है कि तीसरी लहर की चरम स्थिति अक्टूबर के अंत में आएगी और रोज़ दो लाख मामले आ सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उसने प्रस्तावित किया था कि अगर 67 फीसदी आबादी में वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता (कुछ में वायरस के जरिए और शेष में टीकाकरण के जरिए) विकसित हो जाती है तो बड़े पैमाने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता को हासिल करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है.

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