Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ : छत्‍तीसगढ़ के सीएम ने कहा – अब आसान होगा आम आदमी के लिए सरकार तक पहुंचना

प्रशासनिक इकाइयों के विकेंद्रीकरण के अपने वादे को आगे बढ़ाते हुए चार नए जिलों के गठन की घोषणा पर बोले मुख्‍यमंत्री भूपेश।

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आम जनता की सहूलियत के लिए प्रशासनिक इकाइयों के विकेंद्रीकरण के अपने वादे को आगे बढ़ाते हुए चार नए जिलों के गठन की घोषणा की है। प्रशासनिक इकाइयों के विकेंद्रीकरण से आम आदमी की सरकार तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे लोगों के समय, श्रम और धन की बचत होगी। नए जिलों के बनने से प्रशासनिक कामकाज में कसावट आएगी और लोगों के शासकीय कामकाज सहजता से होंगे। सुदूर अंचल के लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने और उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आसानी होगी। नए जिलों के बनने से इन इलाकों में विकास की नई श्रृंखला शुरू होगी।

 

जिला मुख्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से निर्माण और सभी जिला स्तरीय कार्यालयों की स्थापना से लोगों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ सहजता से मिलने लगेगा। शासकीय कामकाज की मानिटरिंग में सुविधा होती है। चारों नए जिलों का गठन वास्तव में संबंधित क्षेत्र की जनता को बहुत बड़ी सौगात है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ नया जिला बनने से सारंगढ़ क्षेत्र की जनता को अब अपने कामकाज के लिए रायगढ़ और बिलाईगढ़, सरसींवा क्षेत्र के लोगों को बलौदाबाजार नहीं जाना पड़ेगा।

 

सारंगढ़ की दूरी रायगढ़ से लगभग 55 किलोमीटर और बिलाईगढ़, सरसींवा अंचल की दूरी बलौदाबाजार से तकरीबन 75-80 किलोमीटर है। बिलाईगढ़ और सरसींवा अंचल के आखरी छोर के गांव की जिला मुख्यालय से दूरी 100-125 किलोमीटर है। इन इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचना बेहद मुश्किल होने के साथ ही खर्चीला और समय की बरबादी होती है।

इसी तरह मोहला-मानपुर-चौकी की दूरी जिला मुख्यालय राजनांदगांव से 100 किलोमीटर है। मानपुर का औंधी अंचल राजनांदगांव से 125 किलोमीटर दूर है। इस अंचल के लोगों को मानपुर-मोहला-चौकी जिला बन जाने से प्रशासनिक कामकाज के लिए अब राजनांदगांव जाने की जरूरत नहीं होगी। कमोबेश इसी तरह की सुविधाएं सक्ती अंचल और मनेंद्रगढ़ इलाके के लोगों को मिलेंगी। नए जिले के गठन से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी।

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