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खनिज विभाग के बाद पुलिस-प्रशासन ने भी साधी चुप्पी :उड़नदस्ता काे दिखाई नहीं देता उत्खनन, बने वसूली के अड्डे अवैध रेत घाट , रातभर उत्खनन

अवैध उत्खनन, अफसरों का नाम लेकर तस्कराें काे संरक्षण देने सक्रिय रहते हैं एजेंट

कोरबा : बारिश के दाैरान एनजीटी के गाइडलाइन के तहत रेत के वैध घाट बंद है। लेकिन दूसरी ओर जिले में इस दाैरान दर्जनाें अवैध रेत घाट चालू है। शहरी क्षेत्र के आसपास ही ऐसे 6 घाट चल रहे हैं। जहां अंधेरे में रातभर नदी-नाला से रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। लेकिन खनिज विभाग द्वारा गठित उड़नदस्ता काे दिखता ही नहीं। जिले में कभी काेयला चाेरी की चर्चा हाेती थी।

जिसके राेकथाम के लिए खनिज विभाग की टीम मुस्तैद रहती थी। लेकिन काेयला चाेरी गए दिनाें की बात हाे गई और अब नदी-नालाें से रेत चाेरी सुर्खियाें में है। इसके लिए बकायदा रेत तस्कराें ने अपनी सहुलियत के अनुसार अवैध घाट बना लिए हैं। आऊटर और ग्रामीण अंचल में ताे अवैध रेत घाट संचालित है। लेकिन शहर में ही ढेंगुरनाला में छठ घाट, सतनामनगर घाट, सिंगापुर घाट, हसदेव नदी पर गेरवाघाट (सर्वेश्वर एनीकट) के निकट, बरमपुर घाट, बालकाे में दाेंदराे घाट समेत कुछ अन्य जगह अवैध रेत घाट चल रहे हैं। जहां तस्कर रातभर मशीन और ट्रैक्टर लगाकर रेत उत्खनन-परिवहन कर रहे हैं।

खनिज विभाग का दावा है कि रेत के अवैध उत्खनन-परिवहन पर राेकथाम और कार्रवाई के लिए उड़नदस्ता गठित की गई है। लेकिन अंधेरे में खुलेआम चल रहे रेत के अवैध काराेबार पर उड़नदस्ता की नजर नहीं पड़ती। दरअसल अवैध रेत घाट वसूली के अड्डे बन गए हैं। चर्चा है कि इन अवैध घाट के संचालन के लिए खनिज विभाग समेत प्रशासन के कुछ अधिकारियाें ने एजेंट लगा रखे हैं। जाे खुद काे उड़नदस्ता में शामिल बताकर प्रत्येक ट्रैक्टर के हिसाब से रेट तय करके प्रतिदिन रकम वसूली करते हैं। रकम वसूली के बदले वे रेत तस्कराें काे खनिज विभाग के अलावा प्रशासन-पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं हाेने का दावा करते हैं।

माइनिंग इंस्पेक्टर काे जांच व कार्रवाई का निर्देश

खनिज विभाग के उप संचालक एसएस नाग के मुताबिक अवैध रेत उत्खनन-परिवहन पर राेकथाम व कार्रवाई के लिए उड़नदस्ता गठित है। कार्रवाई भी हाेती है। अब निगरानी बढ़ाने कहा जाएगा। सिंचाई विभाग का पत्र मिला हे जिसमें सर्वेश्वर एनीकट के पास रेत उत्खनन हाेने का उल्लेख है। इसकी जांच और कार्रवाई के लिए माइनिंग इंस्पेक्टर काे निर्देश दिए गए हैं।

अवैध रेत खनन से सर्वेश्वर एनीकट काे खतरा, खनिज विभाग काे पत्र

पिछले कुछ दिनाें से हसदेव नदी में गेरवाघाट ब्रिज के आगे सर्वेश्वर एनीकट के पास अवैध रेत घाट खुल गया। जहां से प्रत्येक रात 40-50 ट्रैक्टर रेत निकाला जा रहा है। इस तरह एनीकट के पास से लगातार रेत निकाले जाने से सर्वेश्वर एनीकट के क्षतिग्रस्त हाेने का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रदीप कुमार वासनिक ने खनिज विभाग को पत्र लिखकर अवैध खनन के कारण एनीकट के निर्माण के ढहने की आशंका जताते हुए तत्काल राेक लगाने काे कहा है।

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