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ओमिक्रॉन के पहले मरीज की डराने वाली कहानी:बिलासपुर में दुकान खोल बेच रहा था सामान, एक महीने बाद आई रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल

नीतेश वर्मा

ब्यूरो हेड

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ओमिक्रॉन के पहले संक्रमित की कहानी बेहद डराने वाली है। मरीज 1 महीने पहले 2 दिसंबर को दुबई से इंडिया और 3 दिसंबर को बिलासपुर पहुंचे थे। उसके बाद 14 दिन का आइसोलेशन पूरा कर सामान्य रूप से दुकान खोल रहे थे और घूम रहे थे। अब जब 1 माह बाद इस चार सदस्यीय परिवार में से 1 पुरुष की ओमिक्रॉन रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो पूरे इलाके के होश उड़ गए हैं।

जहां यह परिवार रहता है वह शहर के बीच, मेन मार्केट है। इस गोल बाजार इलाके की स्थिति और परिवार के हालात जानने के लिए सहयोगी  दैनिक भास्कर ने ग्राउंड रिपोर्ट की। वहां अभी भी सामान्य हालात थे, दुकान खुली थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गाइडलाइन का इंतजार कर रहे थे।

एक महीने बाद आई रिपोर्ट

UAE से लौटने वाला परिवार पेशे से अनाज व्यापारी हैं और बेटा-बहू, सास-ससुर चार सदस्य घूमने के लिए दुबई व अन्य स्थानों पर गए थे। परिवार में एक सदस्य डॉक्टर भी हैं, उन्होंने दावा किया है 14 दिन का होम आइसोलेशन पूरा कर लिया था। उसके बाद ही वो दुकान खोलने लगे और बाहर घूमने लगे। उनका कहना है कि ओमिक्रॉन की रिपोर्ट 1 माह बाद अब आ रही है, जब उन्होंने शहर में घूमना शुरू कर दिया है। परिवार की महिला का कहना है कि जब हम पूरी तरह ठीक हो गए हैं और हमें मालूम ही नहीं कि हमें क्या हुआ है तो हम आइसोलेट कैसे रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था सुधारना चाहिए।

तीन बार हुई इस पूरे परिवार की जांच
परिवार का कहना है कि इंडिया आने से पहले दुबई में उनकी जांच की गई। इसके बाद दिल्ली और फिर बिलासपुर में भी RTPCR टेस्ट कराया गया। पहले दोनों जगह रिपोर्ट निगेटिव आई, इसलिए उन्हें बिलासपुर तक आने को मिला। बिलासपुर में हुई जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 10 दिसंबर को बताया कि दो सदस्यों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह रिपोर्ट पांच दिन बाद आई। इससे पहले ही परिवार के सदस्य 14 दिन के होम आइसोलेशन में थे।

पॉजिटिव आने वाले भी हुए स्वस्थ तो खोलने लगे दुकान
14 दिन के आइसोलेशन के बाद जो दो सदस्य पॉजिटिव थे वे भी स्वस्थ हो गए। इस तरह सभी चारों स्वस्थ हुए तो सामान्य जीवन जीने लगे। दुकान खोलने लगे, घूमने लगे, लोगों से मिलने-जुलने लगे। इस दौरान आस-पड़ोस के लोगों ने भी उनसे पहले जैसा संपर्क रखा। विदेश से आने के कारण उनका सैंपल ओमिक्रॉन टेस्ट के लिए भुवनेश्वर भेजा गया था। जहां से बुधवार को रिपोर्ट आई और स्वास्थ्य अमला उनके घर पहुंचा। तब इन लोगों को मालूम हुआ कि चारों में से एक सैंपल ओमिक्रॉन पॉजिटिव आया है।

 

एल्युमिनेट हो गया होगा ओमिक्रॉन का वायरस
परिवार की महिला सदस्य ने कहा कि वे खुद डॉक्टर हैं। यदि ओमिक्रॉन पॉजिटिव आया है तो अभी तक उसके वायरस एल्युमिनेट हो गए होंगे। अब एक माह बाद रिपोर्ट आने का क्या मतलब। उन्होंने कहा कि यह सारी प्रक्रिया तत्काल होनी चाहिए थी। दुबई से आने पर दो दिन में जांच होनी थी और दो दिन के भीतर रिपोर्ट आनी चाहिए थी। टेस्टिंग व ट्रेसिंग तत्काल होनी चाहिए थी।

मोहल्ले में मचा हड़कंप, गाइडलाइन का इंतजार करते रहे स्वास्थ्य विभाग के अफसर
मोहल्ले में हड़कंप मच गया है। भास्कर की टीम जब मोहल्ले मे पहुंची तब चहल पहल नजर आई। पॉजिटिव परिवार के सदस्य दुकान खोल कर बैठे थे। मीडिया के आने पर मोहल्ले वाले सकते में आ गए। हालांकि, उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य व मोहल्लेवाले कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क लगाकर निकल रहे हैं।

इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम को अभी तक ओमिक्रॉन पॉजिटिव की गाइडलाइन के बारे में भी पता नहीं है। CMHO डॉ. प्रमोद महाजन ने कहा ओमिक्रॉन पॉजिटिव मरीज को घर पर ही आइसोलेट रखा जाएगा। जबकि नोडल अधिकारी सौरभ शर्मा ने कहा कि इस मामले में शासन से गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही मरीज को अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।

आइसोलेशन पीरियड पूरा इसलिए नहीं है खतरा
CMHO डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया कि बिलासपुर में ओमिक्रॉन रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी उन्हें फोन से रायपुर मुख्यालय से मिली है। इसके बाद मरीज की जानकारी ली गई। उनकी स्थिति सामान्य है और किसी तरह का कोई लक्षण भी नहीं है। इसकी जानकारी शासन को दे दी गई है। जिसे ओमिक्रॉन पॉजिटिव बताया जा रहा है उन्होंने क्वारेंटाइन पीरियड भी पूरा कर लिए हैं। इसलिए कोई खतरा नहीं है। फिर भी एहतियात के तौर पर परिवार के सदस्यों के साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर जांच कराई जाएगी।

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